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चांपा। जिले के नहर विभाग ने कार्य करने वाले अधिकारी के पास कोई जाए तो साहब शायद ही मिलेंगे और अगर मिल भी गए तो साहब जो बोलेंगे वही सही है। नहर विभाग में काम कर रहे है हमे प्रधानमंत्री क्या कोई भी हटा नहीं सकता। जनता के पैसों का दोहन करना कोई नहर विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से सीखें। आपको बता दें कि जांजगीर चांपा जिले के नहर विभाग में काम करने वाले अनुविभागीय अधिकारी क्रमांक 1 पी के तिवारी अपने आपको जांजगीर नहर विभाग का बेताज बादशाह समझते है। जहां आरटीआई का आवेदन लगाने पर अंतिम समय में अवलोकन के लिए बुलाया जाता है। साथ ही अवलोकन के समय शासकीय कर्मचारी रूपी गुर्गों को अगल बगल बैठा कर अवलोकन करने कहा जाता है। जिससे प्रार्थी और जनता में डर का साया मंडराता है। वही अवलोकन करने के दौरान बार बार दबाव भी बनाया जाता है कि फोन नहीं उठाना है, फोटो नहीं खींचना है, बाते नहीं करना है। नहर विभाग के अनुविभागीय अधिकारी क्रमांक 1 पी के तिवारी को सेंट्रल विभाग के किसी बड़े अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। जिसके चलते वे कार्यालय आने जाने वाले जनता से अभद्र भाषा का उपयोग कर अपनी दादागिरी के परिचय देते है। साथ ही प्रार्थी द्वारा अवलोकन में दिक्कतें पैदा कर उन्हें कार्यालय से जाने मजबूर कर देते है। एक प्रार्थी के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी क्रमांक 1 पी के तिवारी की शिकायत पीएमओ शिकायत सेल में की गई। जिसमें शिकायत के बावजूद नहर विभाग के ईई शशांक सिंह के द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई के नाम पर अपने कर्मचारियों से सांठ गांठ कर मामले का खात्मा कर दिया गया है। अधिकारियों की नजरों में जनता हमेशा से मूर्ख ही रही है। प्रार्थी से फोन पर संपर्क नहीं होने की स्थिति में नहर विभाग के ईई शशांक सिंह द्वारा नहर विभाग के अनुविभागीय अधिकारी क्रमांक 1 पी के तिवारी की शिकायत को लेकर पत्रकारों के माध्यम से जानकारी भेजी गई। प्रार्थी और नहर विभाग के ईई द्वारा की गई बातों की जानकारी अगले अंक में पढ़े…

