पुराने काम को नया बताकर सरपंच-सचिव ने उड़ाए 49 हजार, ठाकुरपाली पंचायत में गबन का खेल, जांच रिपोर्ट में खुला काला सच

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नीलमणी बरेठ चंद्रपुर। ग्राम पंचायत ठाकुरपाली में पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता को तार-तार करने वाला भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत के मूलभूत मद से आई राशि को सरपंच और सचिव ने मिलकर गबन कर लिया। जांच रिपोर्ट में इस पूरे खेल का खुलासा हुआ है, जिससे गांव की जनता स्तब्ध है। अप्रैल 2025 में पंचायत को ₹49,800 की राशि मिली थी। यह पैसा केवल तकनीकी स्वीकृति, प्राकलन और मूल्यांकन के बाद ही खर्च किया जा सकता था। लेकिन पंचायत के जिम्मेदारों ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर ₹48,800 सीधे गांव के एक व्यक्ति के नाम चेक से जारी कर दिया।

दावा किया गया कि मतदान केंद्रों में टेंट लगाने और पंचायत भवन की पुताई का काम कराया गया है। जबकि हकीकत यह है कि ये काम पहले ही हो चुके थे। यानी कागजों पर नया काम दिखाकर सरकारी राशि को जेब में डाल लिया गया।

आरटीआई से खुला खेल

गांव के जागरूक नागरिकों ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूरे प्रकरण की जानकारी मांगी। जांच रिपोर्ट सामने आने पर पूरा मामला उजागर हो गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा न तो कोई तकनीकी स्वीकृति ली गई, न प्राकलन कराया गया और न ही कार्य का मूल्यांकन किया गया। यानी पूरा भुगतान सीधे कानून और नियमों का उल्लंघन करते हुए कर दिया गया।

अधिनियम की खुली धज्जियाँ

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की कई धाराओं का इस मामले में सीधा उल्लंघन हुआ है धारा 40 : अवैध व्यय व कदाचार पर सरपंच-सचिव को पद से हटाने का प्रावधान। धारा 85 : पंचायत निधि के दुरुपयोग पर व्यक्तिगत दायित्व। धारा 92 : अवैध आहरण पर वसूली व आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान। यानी सरपंच और सचिव पर कार्रवाई तय है।

कार्रवाई होगी या फिर मामला दबेगा?

गांव में इस खुलासे के बाद लोगों के बीच आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जांच रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि ₹49 हजार का गबन हुआ है, तो जिम्मेदारों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या विभाग भ्रष्ट सरपंच-सचिव पर गाज गिराएगा? या फिर हमेशा की तरह मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा और भ्रष्टाचारियों को बचा लिया जाएगा?

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