
वासु सोनी चांपा। भालेराव मैदान के लग रहे बारूद के ढेर का शायद नगर के अधिकारियों से अच्छा तालमेल बैठ गया है। जिसके चलते कोई भी कही भी बारूद का ढेर लेकर आसानी से बैठ सकता है। छत्तीसगढ़ विस्फोटक नियम और अधिनियम की जरूरत शायद ही किसी व्यापारी को हो? जिससे यही प्रतीत होता है कि नगर के अधिकारी और जिले के अधिकारी खुद ही चाहते है कि कोई बड़ी घटना घटे। नगर के भालेराव मैदान में जिस तरीके से टेंट लगाकर पटाखा बेचने की तैयारी चल रही है। जहां शायद ही विस्फोटक अधिनियम के तहत टेंट लगाया गया हो। साथ ही अगर कही कोई चूक हुई तो मैदान के आसपास लोगों का दिल दहलने समय नहीं लगेगा। फिलहाल नगर के उच्च वर्ग के अधिकारी जिस तरीके से अपनी मनमानी करते नजर आ रहे है, इससे यही प्रतीत हो रहा है कि उन्हें जनता से कोई सरोकार नहीं है। बल्कि वे अपनी रोटी सेकने आमादा है।

