वासु सोनी जांजगीर चांपा। दीपावली त्यौहार के आते ही हर तरफ जांच की आंच शुरू हो जाती है। हर कोई वैध के साथ अवैध काम भी निपटा लेते है। जिसकी जांच की जिम्मेदारी अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारियों की होती है लेकिन जांच की खानापूर्ति कर छोड़ देना कोई शासकीय अधिकारी और कमचारियों से सीखे। दीपावली त्यौहार के आते ही अधिकारी जांच में इतने मशगूल हो जाते है कि क्या जांच कर रहे है उसकी तक जानकारी नहीं रहती। व्यापारियों का मानना है कि सिर्फ त्योहारों में ही जांच शुरू की जाती है लेकिन जांच की कार्रवाई आगे बढ़ती है या नहीं ये बताने जिले के अधिकारियों के पास समय नहीं। फिलहाल शासकीय अधिकारी और कर्मचारी है उन्हें कौन क्या बोल सकते है? फिलहाल दीपावली का त्यौहार है अधिकारी व्यस्त है? विभाग खाली है? आम जनता सिर्फ विभागों खाक छान रहे है।

