
वासु सोनी चांपा। नगर की जनता शायद यही सोचती होगी कि जिले के उच्च अधिकारी हैं कम से कम जनता का नहीं तो छत्तीसगढ़ शासन की नियमों का पालन करेंगे? लेकिन जांजगीर चांपा जिले सहित चांपा नगर में खुलेआम छत्तीसगढ़ शासन को नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसकी जानकारी उच्च अधिकारी सहित केंद्रीय अधिकारियों को होने के बाद भी जरा सा भी कार्रवाई नहीं होना आवश्यकता से अधिक भ्रष्टाचार की ओर इंगित करता है।
ताजा मामले में भालेराव मैदान चांपा में छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के किसी भी तरह पालन नहीं किया जा रहा बल्कि नगर के अधिकारियों द्वारा खुली सहमति दी गई है। आखिर दीपावली का त्यौहार है सब के भला होना चाहिए लेकिन ये कैसा भला? जहां छत्तीसगढ़ शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाकर बड़े ही आराम से अपनी नौकरी कर रहे है। क्या शासकीय अधिकारी इसलिए ही नौकरी करते है कि आम जनता से खुलेआम ठेकेदार रख कर वसूली करवाई जा सके? फिलहाल नगर के भालेराव मैदान में बारूद की जांच ईमानदारी से की जाए तो शायद पूरे नगर को उड़ाया जा सके इतनी मात्रा में बारूद का ढेर मिल जाएगा? लेकिन सब का भला के चक्कर में आम जनता के साथ नगर हित स्थान को भी ध्वस्त किया जा रहा। अब देखना यह है कि कौन ईमानदार शासकीय सेवक इसकी तह तक जाकर कार्रवाई कर पाते हैं या यह मामला भी ठंडे बस्ते में गया समझिए?


