नियम 3 मीटर का जगह 3 सेंटीमीटर भी खाली नहीं… जांच कौन करेगा… आखिर ये कैसी अनुमति… क्या अनुमति की कागज लगी है दुकानों में… अनुमति पटाखा भंडारण की या लाइसेंस की… देवांगन मोहल्ले में संतोषी मंदिर के पास अवैध पटाखों का भंडारण?

0
98

वासु सोनी चांपा। नगर के भालेराव मैदान में अस्थाई पटाखा दुकान की कमाई तो जोरों पर है। आखिर नगर के अधिकारी कर्मचारियों ने कितनी राशि लेकर अनुमति प्रदान किया है? विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि पटाखा बाजार के लिए एक दुकान से लगभग 14 से 15 हजार की राशि पटाखा विक्रेता संगठन के द्वारा ली गई है। जिसमें भालेराव मैदान में दुकान, लाइट, पानी टैंकर सहित अन्य चीजें उपलब्ध कराई गई है। लेकिन घटना घटित होने पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। वही लगभग 2 हजार नगर पालिका परिषद में प्रत्येक दुकान के हिसाब से जमा किया गया है तो वहीं एसडीएम कार्यालय में भी कुछ राशि जमा की गई है। जिसकी जानकारी कभी भी आरटीआई से ली जा सकती है। लेकिन अस्थाई पटाखा दुकान की अनुमति वह भी छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के विपरीत अधिकारी दे कैसे सकते हैं यह सोच का विषय है? क्या जिले के अधिकारियों को इतनी शक्ति प्रदान की गई है कि वो छत्तीसगढ़ शासन के नियमों को दरकिनार कर अपना नियम चला सकते है?

नियम 3 मीटर का 3 सेंटी मीटर भी जगह खाली नहीं

भालेराव मैदान में लगे अस्थाई पटाखा दुकान की अनुमति के बाद अधिकारियों ने नियम की धज्जियां उड़ाने भी अनुमति दे रखी है जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के नियम अनुसार संभवतः दो पटाखा दुकानों के बीच की दूरी लगभग 3 मीटर है लेकिन वास्तविकता देखने पर पता चलता है कि पटाखा दुकानों के बीच की दूरी 3 मीटर तो क्या 3 सेंटीमीटर भी नहीं है। जहां अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा बेगुनाह आम जनता को भुगतान पड़ सकता है।

फिलहाल आम जनता दीपावली मनाने पटाखा खरीदने भालेराव मैदान पहुंच रहे है। जहां अवैध रूप से बिना जांच के अवैध पटाखों का भंडार रखा गया है। नगर में कई ऐसे दुकान बीच बस्ती में भी संचालित है जिसकी जानकारी सम्बंधित विभागों को तो है लेकिन वो छुट्टी मना रहे है। जिससे साफ स्पष्ट हो जाता है कि अधिकारियों की सांठ गांठ से ही ऐसे पटाखे रूपी बारूद नगर में आ चुके है जिससे छोटी सी लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। अब ये देखना है कि वो कौन ईमानदार अधिकारी है जो इन विषयों पर अपना ध्यान केंद्रित करते है या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में गया समझें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here