क्या राहौद तहसील में कोई काम पेंडिंग नहीं, क्या उच्च अधिकारी तय कर पाएंगे सच्चाई, आखिर कितने काम पेंडिंग है राहौद कार्यालय में, और क्यों नहीं हो पा काम पूरा…क्यों नहीं लिखा छत्तीसगढ़ शासन के नियम कानून का बोर्ड,
वासु सोनी राहौद। जिले का एकमात्र तहसील कार्यालय शायद तक जहां एक भी काम ऐसा नहीं जो पेंडिंग हो? आपको बता दें कि तहसील कार्यालय में राजस्व संबंधित कार्य संचालित होते है लेकिन राहौद तहसील कार्यालय में इतनी जल्दी कार्य निपटा दिए जाते है जो जनता की सोच से परे है? आखिर कौन है वह अधिकारी जो इस तहसील को इतना सुदृढ़ और संतुलन बनाकर चल रहे है। पूरे जिले में राजस्व का काम जटिल है जिसे लेकर सभी तहसीलदार परेशान है लेकिन राहौद तहसील में कार्यरत अधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के अनुसार पूरी तरह से समय सीमा के अंदर पूर्ण कर लिया जाता है? आखिर जानकारी के अभाव में यह लिखना पढ़ रहा है कि तहसील कार्यालय में राजस्व कार्यों की समय अवधि क्यों नहीं लिखी जाती? आखिर तहसीलदार के पास समय क्यों नहीं रहता? तहसील कार्यालयों में क्या छत्तीसगढ़ शासन की नियमों के अनुसार काम होता है? इसकी जानकारी शासकीय अधिकारी कर्मचारी जनता को क्यों नहीं देना चाहते? क्या जनता को नियम बताने और समय सीमा बताने किसी उच्च अधिकारी का दबाव रहता है? ऐसे अनगिनत सवाल है जो तहसील कार्यालयों के लिए लागू होता है लेकिन तहसील विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के पास समय की कमी चलते लाखों केस पेंडिंग पड़े हुए है। जिनको सिर्फ तारीखें प्रदान की जाती है वो भी आधी अधूरी। जनता पूरे समय यही सोचते रहती है कि आखिर ऐसे तहसील कार्यालय और अधिकारी कर्मचारियों का कौन क्या बिगाड़ सकता है? वही। जिले के तहसील कार्यालयों में फाइलों को सालों साल दबा के रखने का सिलसिला बदस्तूर जारी है क्योंकि सभी अधिकारी कर्मचारी जानते है कि सिर्फ जांच होगा और अटैचमेंट होगा, नौकरी तो रहेगी? जिसके कारण भ्रष्टाचार और फाइलों को दबाकर रखने का खेल तहसील कार्यालयों में लगातार जारी है। फिलहाल जिले में राहौद तहसील कार्यालय के बारे में सुनी बातें सही है या गलत ये तो उच्च वर्ग के अधिकारी ही तय करेंगे, इसमें जनता की कौन सुनने वाला है? जनता सिर्फ तारीखें ही लेती रहेंगी?

