वासु सोनी जांजगीर चांपा। जिले के आबकारी विभाग का अलग ही जलवा है। जिले में अवैध रूप से शराब की बिक्री जोरों पर है लेकिन जिले का आबकारी विभाग सिर्फ शिकायतों के इंतजार में रहता है कि कही कोई आए और शिकायत करे, तब कार्रवाई हो पाए। सिर्फ त्योहारों में कार्रवाई के लिए अधिकारी कर्मचारी अलग से निकल जाए तो विभाग के ऊपर मेहरबानी हो जाती है। वही दूसरी ओर आबकारी विभाग के कार्यालय में ही नशे में धुत कर्मचारी के जमीन में पड़े रहने का मामला समाचार में आने के बाद भी आबकारी अधिकारी अंजान है। जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी कार्रवाई करने कितने ईमानदार है। दिवाली के पहले से लेकर आज तक आबकारी विभाग के अधिकारी आबकारी विभाग के कमरे में नशे में धुत व्यक्ति पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर सकी है। तो जिले में अवैध शराब पर कार्रवाई कैसे होगी? बीते शुक्रवार की शाम लगभग 4.30 बजे जांजगीर चांपा जिले के आबकारी विभाग के कमरे में एक व्यक्ति नशे की हालत में जमीन पर पड़ा हुआ था। लेकिन यह कह पाना संभव नहीं है कि ये बाहरी व्यक्ति हैं या आबकारी विभाग का कर्मचारी है। हालांकि शाम के समय आबकारी विभाग के कमरे में इस तरह से जमीन पर नशे की हालत में पड़े रहा किसी कर्मचारी की ओर इशारा करता है। जिस पर आज तक आबकारी विभाग मौन धारण किए हुए है।
वहीं जिले में शराब के सौदागर बड़ी आसानी से गली मोहल्ले में आसानी से शराब की बिक्री कर रहे है वहीं आबकारी और पुलिस विभाग के पास रुपए पहुंचाने की बात अवैध शराब विक्रेता के द्वारा दबी जुबान से कही जाती है लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है यह तो किसी ईमानदार अधिकारी के द्वारा जांच करने के बाद ही पता चल पाएगा? फिलहाल जांजगीर चांपा के गली मोहल्ले में महुआ शराब, देशी शराब सहित अंग्रेजी शराब भी आधी रात को बड़ी आसानी से मिल जाती है जिसे लेकर आबकारी विभाग मौन साढ़े हुए है या फिर किसी बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहे है।


