नगर का एकमात्र खेल मैदान भालेराव अपनी दुर्दशा पर खुद ही आंसु बहा रहा, आखिरकार कौन है वो ईमानदार अधिकारी जो बचा पाएगा भालेराव मैदान की साख…

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वासु सोनी चांपा। नगर के एकमात्र भालेराव मैदान की दुर्दशा का कारण आखिर कौन है? आखिर कौन उगाएगा घास? भालेराव मैदान कैसे बन पाएगा उचित स्तर का खेल मैदान? ऐसी तमाम बातें है जिनका उत्तर चांपा नगर की आम जनता जानना चाहती है।

आपको बता दें कि दशहरा पर्व के पहले भालेराव मैदान में रेतीनुमा मुरूम/मिट्टी को मैदान में उगे घास के ऊपर डालकर मैदान को और भी स्तरहीन कर दिया गया। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि मिट्टी के पाटने से खेल मैदान और भी अच्छा होगा। वहीं दशहरा पर्व भी सामने था जिस पर भव्य तैयारियों भी की गई थी। भालेराव मैदान के कुछ हिस्से में बजरी गिट्टी और स्लैग चूरी भी डलवाया गया। लेकिन किसके अनुमति से ये सब हुआ ये अभी भी खोज का विषय है? आखिर भालेराव मैदान की दुर्दशा के लिए अनुमति किसकी, जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी कौन सहित तमाम बातें जनता जानना चाह रही है? फिलहाल दशहरा पर्व भी पूरा हो गया। बारिश के कारण दिक्कतें आई, भालेराव मैदान पूरी तरह से कीचड़युक्त हो गया। नालियों का पानी मैदान में भर गया। वही पूरा मैदान अस्त व्यस्त हो गया। फिर भी नगर के अधिकारी कर्मचारी मौन थे। आगे दीपावली का त्यौहार भी आ गया जिसमें भालेराव मैदान की ऐसी दुर्दशा के बाद नगर सहित जिले के अधिकारियों ने दोबारा पटाखा व्यापारियों को पटाखा बेचने कह डाला। जिसके लिए भालेराव मैदान में पंडाल लगाने कई गड्ढे कर दिए गए और खूब पटाखों की बिक्री भी हुई, परन्तु इस बार भी आदेश या अनुमति किसकी ये समझ से परे था? नगर या जिले के अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा किसकी ओर से अनुमति दी गई ये भी अभी तक ज्ञात नहीं है क्योंकि किसी ने अनुमति को प्रति किसी को दिखाई भी नहीं है।

मामला यही खत्म नहीं होता, दशहरा के कुछ दिन बाद नगर के क्रिकेट खिलाड़ियों ने नगर पालिका पहुंच सीएमओ रामसंजीवन सोनवानी को भी ज्ञापन दिया जिसमें खेल मैदान में साफ सफाई, रंग रोगन, लाइट, पानी व्यवस्था सहित सभी चीजों को व्यवस्थित करने ज्ञापन भी दिया। जिस पर चांपा सीएमओ ने अपनी ओर से व्यवस्थित करने की गुंजाइश रखी क्योंकि शासकीय काम करवाने पर कितना समय लगेगा ये सभी जानते है? वही जब इस बारे में क्रिकेट खिलाड़ियों से जानकारी नगर पालिक ज्ञापन देने पहुंचे खिलाड़ियों से चर्चा की गई तो उन्होंने भालेराव मैदान को गंदगी करने वाले के बारे में कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया। साथ ही क्रिकेट कराए जाने और मैदान को सुधारकर मैच करवाने की बात कही। फिलहाल भालेराव मैदान अपनी दुर्दशा पर खुद ही आंसु बहा रहा है।

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