
वासु सोनी चांपा। हसदेव नदी में पानी की कमी से नगर में पानी की समस्याओं का दौर शुरू हो गया है लेकिन यह समझ से परे है कि बारिश का पानी वर्तमान समय तक गिर रहा है। दशहरा में भी खूब बारिश हुई और दिवाली के बाद भी पानी गिरा। लेकिन इतना डैम और बैराज से पानी गायब कैसे हो गया, ये समझ से परे है। जिसके लिए नगर पालिका परिषद चांपा सहित नगर के आमजन परेशान है। कुछ दिन पहले कुदरी बैराज से गुजरते वक्त बैराज में पानी को स्थिति बिल्कुल जीरो थी। कुछ पानी बैराज में है वह भी कुछ दिन बाद खाली हो जाएगा, परन्तु ये समझ से परे है कि इतना सारा पानी आखिर गया कहां? और अब हसदेव नदी में पानी नहीं होने से नगर में पानी को समस्या भी बढ़ गई है। वहीं जल संसाधन विभाग के अधिकारी ओर कर्मचारी सिर्फ। छुट्टी बिताने में व्यस्त है? कुछ समय पहले जल संसाधन विभाग कार्यालय के चांपा में स्थित कार्यालय के कार्यपालन अभियंता के द्वारा यह बताया गया था कि बैराज, डैम और नदी से पानी हटाने का पूरा जिम्मा जिले के कलेक्टर के पास होता है, जिले के कलेक्टर चाहे तो पूरा पानी बहा दें और ना चाहे तो एक बूंद पानी किसी को ना दें। ये भी निर्भर करता है कि किस समय पानी को जरूरत किसे ज्यादा है, उस हिसाब से पानी लेने और देने का कार्य किया जाता है? जिससे यह प्रतीत होता है कि बैराज और हसदेव नदी में पानी की जरूरत अभी किसी को नहीं है? जिसके कारण सारा पानी बहा दिया गया है। साथ ही हसदेव नदी का जल स्तर इतना गिर गया है कि नगर में पानी की समस्या शुरू हो गई है। फिलहाल चांपा नगर पालिका के द्वारा अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया गया है। लेकिन जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भगवान भरोसे विभाग सम्हालते नजर आते है। वही कई बार यह भी प्रतीत होता है कि उन्हें जनता की नहीं सिर्फ अपनी चिंता है। जल संसाधन विभाग चांपा कार्यालय में उचित जांच करे तो कई ऐसे तथ्यों का खुलासा होगा जिसकी जानकारी जिले के मुखिया को भी नहीं होगी?

