
वासु सोनी जांजगीर चांपा। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने तथा घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम द्वारा जिले के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों में छापामार कार्रवाई की गई, कार्रवाई के बाद जुर्माने या सजा जो भी प्रावधान में होगा वो किया जायेगा।
आपको बता दें कि ईरान, इजराइल और अमेरिका में चल रहे युद्ध का असर भारत में पेट्रोलियम और गैस पर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। जिसके कारण प्रशासन द्वारा पेट्रोलियम और गैस की कालाबाजारी को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में जांजगीर चांपा जिले में भी कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग पेट्रोलियम और गैस के अवैध कालाबाजारी पर नकल कसने निकल चुकी है। अचानक ही जिले के कई स्थानों छापे मार कार्रवाई की गई।
10 हजार लेने वाला अधिकारी कर्मचारी कौन था?
सूत्रों की माने तो जिले में खाद्य विभाग के फर्जी अधिकारी कर्मचारी जिले में घूम रहे है। जो नगर के खाद्य संस्थानों में घूम घूम कर 10 हजार से भी अधिक रुपए ऐंठ रहे है। ऐसे में क्या जिले के कलेक्टर खाद्य विभाग के फर्जी अधिकारी कर्मचारी ढूंढकर कार्रवाई कर पाएंगे या जिले के खाद्य संस्थान के संचालक ऐसे ही ठगे जाएंगे?
क्या कार्रवाई के लिए भी देने पड़ते हैं रुपए?
नगर सहित जिले के खाद्य संस्थानों में घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और व्यावसायिक दुरुपयोग की जांच पर हड़कंप मचा हुआ है। नगर में खाद्य विभाग के अधिकारी बड़े बड़े खाद्य संस्थानों में पहुंच उपयोग किए जाने वाले गैस की जांच कर कार्रवाई कर रहे है। नगर में चर्चा का बाजार गर्म है कि जब खाद्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी कार्रवाई करने पहुंच रहे है तो फिर रुपए किस बात के लिए जा रहे है? आखिर रुपया संस्था संचालकों द्वारा रुपए किस करना दिए जा रहे है यह भी जांच के विषय है? सीसीटीवी कैमरे की निगाह से बचते हुए रुपया का लेन देन बदस्तूर जारी है? उक्त सभी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की गई।
रोड में लगे ठेलारूपी दुकानों को अभयदान क्यों?
अगर आप जिले या नगर के किसी भी रोड में निकल जाए तो आपको ठेलारूपी दुकान में घरेलू गैस का उपयोग करते अधिक से अधिक दुकान संचालक मिल जाएंगे, लेकिन उन्हें अभयदान देने के पीछे अधिकारी कर्मचारियों की मंशा क्या होगी? खुलेआम घरेलू गैस के उपयोग कई वर्षों से किया जा रहा है लेकिन अधिकारी नाश्ता करने भी कभी कभार रोड किनारे स्थित ठेला में जरूर पहुंचते होंगे? जहां सामने घरेलू गैस का उपयोग करते देख कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? क्या कार्रवाई करने पर ठेला संचालकों द्वारा किसी अधिकारी कर्मचारी को खाद्य पदार्थ देना बंद कर दिया जाता है? कई सवाल ऐसे है जिनका जवाब अधिकारी कर्मचारी भी नहीं देना चाहते है।
पढ़िए क्या कहा खाद्य विभाग के अधिकारी ने…
पत्रकार ने पूछा क्या कलेक्टर के निर्देश पर बड़े संस्थान में बस कार्रवाई की जा रही है रोड में लगे ठेला संचालकों द्वारा भी घरेलू गैस उपयोग किया जा रहा है तब खाद्य अधिकारी कौशल साहू ने कहा सभी जगह की जा रही है, सब जगह होगी कार्रवाई, धीरे धीरे होगी कार्रवाई। वहीं जुर्माने या सजा के प्रावधान पर कलेक्टर कोर्ट/न्यायालय द्वारा कार्रवाई की बात कही।
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