वासु सोनी चांपा। नगर के भीतर चल रहे मरम्मत ओर रिपेयरिंग कार्यों में ठेकेदारों को संरक्षण देकर चांपा नगर पालिका के इंजीनियर शासन को लाखों और करोड़ों का चूना लगा रहे है? नपा के इंजीनियर मौके पर पहुंचते तो जरूर है लेकिन जांच किए बिना ठेकेदारों के द्वारा बताए अनुसार बिना देखे वापस आ जाते है? सिर्फ कमीशन के चक्कर में शासन को ऐसा चूना लगाया जा रहा है। वहीं नगर पालिका परिषद चांपा के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा भी दे रहे है। नगर में जितने भी मरम्मत और रिपेयरिंग संबंधी कार्य करवाए जा रहे है उसकी जांच जनता के सामने इंजीनियर आकर करे तो निश्चित ही भ्रष्टाचार की किताब आसानी से जनता के सामने आएगी लेकिन अधिकारी, इंजीनियर बिल्कुल भी नहीं करेंगे क्योंकि उनकी ठेकदारों के साथ मिलीभगत की पोल खुल जाएगी?
बीते साल भर के अंदर जितने भी मरम्मत कार्य हुए है। उनकी जांच नगर पालिका में कार्य कर रहे इंजीनियर क्यों नहीं कर रहे है? जनता का सवाल आते ही जनता को विकास चाहिए कहकर अपनी रोटी क्यों सेंक रहे है? क्या शासकीय सेवा में कार्य कर रहे इंजीनियर को वेतन कम हो जा रहा है या उनकी जीवनयापन में कमी आ रही है? अब देखना यह है कि साल भर में हुए और वर्तमान में चल रहे कार्यों में कितनी शुद्धता के साथ काम किया जा रहा है।

